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Top 5 Criminal

1

Karim Lala

Born: 1911, Afghanistan Died: 19 February 2002, Mumbai

मुंबई पर राज करने का सपना बहुत से लोगों का रहा है. इन्हीं लोगों में से एक था करीम लाला. उसके बारे में कहा जाता है कि वो गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद किया करता था. कुछ लोग उसे रॉबिनहुड मानते थे,
कहा तो यह भी जाता है उसने मुंबई की सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर दाऊद इब्राहिम को बुरी तरह पीटा था.
करीम लाला का असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था. उसका जन्म 1911 में अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हुआ था. उसे पश्तून समुदाय का आखरी राजा भी कहा जाता है. उसका परिवार काफी संपन्न था. वह कारोबारी खानदार से ताल्लुक रखता था. जिंदगी में ज्यादा कामयाबी हासिल करने की चाह ने उसे हिंदुस्तान की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया था
21 साल की उम्र में वो पेशावर होता हुआ मुम्बई पहुंचा और 1940 का दशक आते-आते वो डॉक पर तस्करी का किंग बन चुका था. मुम्बई में कई जगहों पर उसने जुए और दारू के अड्डे भी शुरू कर दिए थे.

2

Haji Mastan

Born: 26 March 1926, Panaikulam Died: 9 May 1994, Mumbai

मुंबई में कई माफिया डॉन वजूद में आए, लेकिन एक नाम ऐसा भी है जिसने मुंबई अंडरवर्ल्ड को एक नई पहचान दी और ग्लैमर को अंडरवर्ल्ड के साथ लाकर खड़ा कर दिया. वो नाम था बाहुबली माफिया तस्कर हाजी मस्तान का. जो मुंबई का पहला अंडरवर्ल्ड डॉन कहलाया.
मस्तान को मधुबाला पसंद थीं, इसलिए उन्होंने उन जैसी दिखने वाली एक डांसर से शादी कर ली। इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड डॉन दाऊद इब्राहिम, कभी मस्तान के लिए ही काम किया करता था। मस्तान हैदर मिर्जा उर्फ हाजी मस्तान का जन्म 1 मार्च, 1926 को तमिलनाडु के कुड्डालोर के पास पनईकुल्लम गांव में हुआ था। मस्तान के पिता हैदर मिर्जा गरीब किसान थे। गरीबी के कारण उसने 1934 में मुंबई का रुख किया। यहां पर हैदर मिर्जा कफ रोड में साइकिल बनाने की छोटी-सी दुकान चलाते थे, लेकिन उतने से रोजी-रोटी चला पाना परिवार के लिए बेहद मुश्किल था।
जुर्म की दुनिया में पहला कदम चालीस के दशक में रक्खा दरअसल, चालीस के दशक में विदेश से जो लोग इलेक्ट्रॉनिक सामान, महंगी घड़ियां या सोना, चांदी और गहने लेकर आते थे. उन्हें उस सामान पर टैक्स की शक्ल में बड़ी रकम अदा करनी पड़ती थी. यही वजह थी कि डॉक पर तस्करी करना एक फायदे का सौदा था. उसने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया. और गुपचुप तरीके से वह तस्करों की मदद करने लगा. तस्कर विदेशों से सोने के बिस्किट और अन्य सामान लाकर मस्तान को देते थे और वह उसे अपने कपड़ों और थैले में छिपाकर डॉक से बाहर ले जाता था. कुली होने के नाते कोई उस पर शक भी नहीं करता था. इस काम की एवज में मस्तान को अच्छा पैसा मिलने लगा था.

3

Varadarajan Mudaliar

Born: 1 March 1926, Thoothukudi Died: 2 January 1988, Chennai

अंडरवर्ल्ड की दुनिया में (1960-80) के बीच ‘वरदराजन मुदलियार’ का नाम चलता था। मुदलियार के समय में ही करीम लाला और हाजी मस्तान भी मुंबई में सक्रीय थे लेकिन, इन तीनों में मुदलियार की पहचान गरीबों के बीच एक मसीहा की बन चुकी थी। वह मुंबई अंडरवर्ल्ड का पहला हिन्दू डॉन था। हिन्दू होते हुए भी वरदा काम के बाद दरगाह जाता था। मुंबई स्थित बिस्मिल्ला की दरगाह वरदा की पसंदीदा जगह थी, हर रोज़ वो नियाज़ वहां अदा करता था।
वरदा भाई के बारे में कई किस्से प्रचलित है. जिनमें सबसे प्रसिद्ध ये है कि मुंबई के थानों में कटिंग चाय आती थी पर जिस दिन चाय की जगह कोला आता था और उसे ठाणे के सबसे सीनियर ऑफिसर की टेबल पर रखा जाता था. इस कोला के ग्लास के आते ही पूरे थाने में अफरा तफरी मच जाती थी.
उस ग्लास के आने का मतलब था वरदा भाई का आगमन.
ऐसा था जलवा वरदराजन मुदलियार का.
‘वरदा भाई’ के नाम मशहूर वरदराजन मुदलियार पैदा भले ही तमिलनाडु के ‘तूतीकोरिन’ (1926) में हुए थे, लेकिन उनकी रोजी-रोटी की शुरुआत बम्बई के विक्टोरिया टर्मिनल स्टेशन से एक कुली के तौर पर हुई। जल्दी ही उसने जुएखोरी और नशीले पदार्थों की तस्करी के धंधे में अपने कदम रखे। यहां उसका दबदबा तेजी से बढ़ने लगा और जल्द ही उसने गोदी में चोरी (डॉक थेफ्ट), कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और स्मग्लिंग का काम भी शुरू कर दिया।

4

Dawood Ibrahim

Born: 27 December 1955, Khed, Ratnagiri

अगर आप भारतीय हैं तो दाऊद इब्राहिम का नाम ज़रूर सुना होगा. D -Company शुरू करने के बाद, दाऊद जुर्म की दुनिया का इतना बड़ा नाम बन गए कि सबसे खतरनाक अपराधियों की लिस्ट में उनका नाम तीसरे नंबर पर है. सुना है कि दाऊद की पहुंच अल-क़ायदा तक है. कुछ लोगों का मानना है कि दाऊद को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी, ISI, आसरा देती है और इसीलिए आज तक दाऊद पकड़ में नहीं आये हैं. 2008 के मुंबई ब्लास्ट में भी दाऊद का नाम है, साथ ही 1993 मुंबई बम धमाकों के पीछे भी उनका ही दिमाग था.

दाऊद इब्राहिम का जन्म 27 दिसंबर, 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था. उसका असली नाम शेख दाउद इब्राहिम कास्कर है. उसके पिता शेख इब्राहिम अली कास्कर मुंबई पुलिस में हवलदार थे. स्कूल में पढ़ाई के दौरान बुरी सोहबत में पड़े दाऊद ने चोरी, डकैती और तस्करी शुरू कर दी. इससे परेशान होकर घरवालों ने उसकी शादी बीना जरीना नाम की लड़की से कर दी. लेकिन वह जुर्म की दुनिया में आगे बढ़ता रहा.

दाऊद ने अपने आपराधिक करियर की शुरुआत करीम लाला के गैंग से की थी। 1980 के दशक में दाऊद का नाम मुंबई अपराध जगत में तेजी से उभरा और उसकी पहुंच बॉलीवुड से फिल्म जगत से लेकर सट्टे की दुनिया तक पहुंच गई।

5

Arun Gawli (daddy)

Born: 17 July 1955, Kopargaon

अरुण गवली एक भारतीय राजनेता और भूतपूर्व गैंगस्टर है। अरुण गवली और उनके भाई किशोर (पप्पा) 1970 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड में आए थे और आते ही वे रामा नाइक और बाबु रेशीम की क्रिमिनल गैंग “बायकुल्ला कंपनी” में शामिल हो गये, 1988 में पुलिस एनकाउंटर में रामा नाइक के मारे जाने के बाद, अरुण गवली ने गैंग को अपने हातो में ले लिया और अपने घर, दगडी चौल से वह सभी क्रिमिनल धंधो को संचालित करता था।

उसके नियंत्रण में मध्य मुंबई की ज्यादातर क्रिमिनल घटनाये उस समय होती थी। जबकि 80 और 90 के दशक के अंत में, गवली गैंग दावूद इब्राहीम की डी-कंपनी के साथ संघर्ष करते हुए भी नजर आयी थी। साथ ही गवली अखिल भारतीय सेना राजनैतिक पार्टी, महाराष्ट्र के संस्थापक भी है।

अरुण गवली का जन्म 17 जुलाई 1955 को कोपरगाव, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्र मे एक हिंदू अहीर जाति में हुआ। उन के पिता गुलाबराव अहीर मिल में काम करके घर चलाते थे। गवली ने शादी पुणे जिले के वडगाँव पांचपीर के मोहम्मद शेख लाल मुजावर नान्हुभाई की बेटी से कि, जिनके विवाह के बाद हिंदू धर्म अपनाकर पत्नी ने नाम आशा गवली रखा। जिसे लोग प्यार से मम्मी भी कहते हैं। उसके दो बच्चे महेश गवली और गीता गवली हैं।

1980 के दौरान जब पुलिस ने अरुण गवली और साई बानोद जैसे हिन्दू गुंडे के खिलाफ़ करवाई की थी तब उस वक्त शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के द्वारा मुम्बई पुलिस की आलोचना की गयी थी. यह इस बात का प्रतीक था कि गवली को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, हालाँकि 1990 के मध्य गवली का शिवसेना से अ लगाव हो गया. इसके बाद उसने कई शिवसेना के लोगों की हत्या कर दी और बाद में अपनी एक अलग पार्टी बनाई. गवली महाराष्ट्र की एक पार्टी अखिल भारतीय सेना की राजनीतिक पार्टी का संस्थापक है.


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